
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) की मौत के पीछे अब ‘ऑनलाइन गेमिंग’ और ‘कोरियन एडिक्शन’ का एंगल सामने आया है। बेटियों को खोने वाले बदहवास पिता ने बताया कि उनकी मासूम बच्चियां किसी गेम के ‘टास्क’ और कोरिया जाने की जिद में इस कदर उलझ गई थीं कि उन्होंने मौत का रास्ता चुन लिया।
सुसाइड नोट में ‘कोरिया’ का जिक्र, पिता बोले- यह आत्महत्या नहीं ‘टास्क’ है
इस दर्दनाक घटना पर न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए पिता चेतन कुमार ने बताया कि बच्चियों के मोबाइल फोन लेने के बाद उन्हें उनके एडिक्शन का पता चला। पिता के मुताबिक, “हमें एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें लिखा है कि ‘आप हमें कोरिया जाने से रोक रहे हैं, कोरिया हमारी जिंदगी है।’ वे कोरिया के प्रति इस कदर आकर्षित थीं कि उन्हें लगता था वहीं उनका असली घर है।”
पिता ने भावुक होते हुए कहा कि यह सामान्य आत्महत्या नहीं है, बल्कि एक ‘टास्क’ का नतीजा है। उन्होंने बताया, “मैं अपने काम में व्यस्त था और मुझे अंदाजा नहीं हुआ कि मोबाइल के पीछे क्या चल रहा है। बच्चों को एक खतरनाक गेम की लत लग गई थी और वे उसके टास्क पूरे कर रही थीं।”
आधी रात को सन्नाटे में चीखें, 9वीं मंजिल से एक साथ लगाई छलांग
यह घटना बुधवार देर रात करीब 2:30 बजे की है। जब पूरी सोसाइटी गहरी नींद में सो रही थी, तब बी-1 टावर के फ्लैट नंबर 907 में रहने वाली तीनों बहनें बालकनी में पहुंचीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि रेलिंग पार करने के लिए उन्होंने दो स्टेप वाली एक छोटी सीढ़ी का इस्तेमाल किया और फिर एक-एक कर मौत की छलांग लगा दी। जमीन पर गिरने की तेज आवाज के बाद गार्ड और पड़ोसियों की नींद खुली, लेकिन तब तक सब खत्म हो चुका था।
कौन थीं ये तीन बहनें और क्या था इनका एडिक्शन?
मृतक बहनों में निशिका सबसे बड़ी थी और पाखी सबसे छोटी। तीनों का आपस में गहरा लगाव था। पड़ोसियों और परिवार के अनुसार, तीनों बहनें काफी समय से मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया में डूबी हुई थीं। बताया जा रहा है कि वे सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए कोरियन संस्कृति, वहां के पॉप संगीत (K-Pop) और ड्रामा से प्रभावित थीं, जो धीरे-धीरे एक सनक (Obsession) में बदल गया।
एक्सपर्ट्स की चेतावनी: ब्लू व्हेल और मोमो चैलेंज जैसे खतरों से रहें सावधान
गाजियाबाद के इस केस ने एक बार फिर उन खतरनाक ऑनलाइन गेम्स की याद दिला दी है जो बच्चों को अपनी जान लेने के लिए उकसाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चा अचानक गुमसुम रहने लगे, रात-रात भर जागकर मोबाइल देखे या किसी खास देश/संस्कृति के प्रति असामान्य व्यवहार दिखाए, तो ये खतरे के संकेत हो सकते हैं।
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