ग्रेटर नोएडा के पंजाब नेशनल बैंक में ₹10.24 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक के आधिकारिक खातों और आंतरिक वित्तीय प्रणालियों में हेरफेर कर ₹10.24 करोड़ के गबन के इस गंभीर मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बैंक कर्मचारी दीपांशी और उसके एक निजी सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। बैंक प्रबंधन की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में भारी वित्तीय विसंगतियां पाए जाने और शाखा से अनाधिकृत लेन-देन का सुराग मिलने के बाद मामले की औपचारिक शिकायत सीबीआई को सौंपी गई थी। केंद्रीय एजेंसी ने प्रारंभिक जांच और पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

सीबीआई की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक कर्मी दीपांशी बैंक शाखा में तैनात थी और उसके पास कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) और आंतरिक खातों के संचालन से जुड़े विशेष डिजिटल क्रेडेंशियल्स उपलब्ध थे। आरोपी ने अपने पद और सिस्टम एक्सेस का दुरुपयोग करते हुए बैंक के इंटरनल सस्पेंस और सेटलमेंट खातों से रकम को धीरे-धीरे डाइवर्ट करना शुरू किया। बैंक की आंतरिक निगरानी से बचने के लिए आरोपी ने अपने सहयोगी और अन्य परिचितों के नाम पर खोले गए कई छद्म (म्यूल) बैंक खातों में छोटी और मध्यम किस्तों में धनराशि ट्रांसफर की। जांच अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसफर की गई इस रकम को तुरंत विभिन्न एटीएम, चेक और तीसरे पक्ष के खातों में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए निकाल लिया गया, जिससे कुल गबन की राशि ₹10.24 करोड़ तक पहुंच गई।

गिरफ्तारी से पूर्व सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की विशेष टीमों ने ग्रेटर नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद स्थित आरोपियों के आवासीय और अन्य संदिग्ध ठिकानों पर सघन छापेमारी की। तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी को बैंक के आंतरिक दस्तावेजों, ट्रांसफर वाउचर, कई बेनामी पासबुक, चेकबुक, बैंक मुहरों के साथ-साथ आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव जैसे डिजिटल उपकरण मिले हैं। फॉरेंसिक जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस घोटाले में बैंक के किसी उच्चाधिकारी या बाहरी वित्तीय बिचौलियों की भी संलिप्तता थी।

सीबीआई ने दोनों आरोपियों को सक्षम विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पेश कर विस्तृत पूछताछ और गबन की गई रकम की रिकवरी के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर इस बड़े घोटाले के उजागर होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधन ने संबंधित शाखा के सभी इंटरनल लेजर्स का व्यापक फॉरेन्सिक ऑडिट शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा करते हुए शाखा के अन्य संदिग्ध कर्मचारियों की भूमिका की भी आंतरिक जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिस्टम में कोई अन्य सुरक्षा खामी न रह गई हो।

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