सीरिया के पूर्व तानाशाह बशर अल-असद को फांसी की सजा, रूस में शरण लिए पूर्व राष्ट्रपति को सीरियाई अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला

दमिश्क (सीरिया) की एक विशेष अदालत ने देश के पूर्व राष्ट्रपति और दशकों तक सीरिया पर कठोर शासन करने वाले तानाशाह बशर अल-असद को मौत की सजा (Death Penalty) सुनाई है। अदालत ने यह फैसला उनके खिलाफ चलाए गए मानवता के खिलाफ अपराधों, नागरिकों पर रासायनिक हमलों और देशव्यापी नरसंहार के मामलों की सुनवाई के बाद सुनाया।

बशर अल-असद, जिन्होंने दिसंबर 2024 में विद्रोहियों के भीषण सैन्य तख्तापलट के बाद दमिश्क छोड़कर भागने का फैसला किया था, फिलहाल रूस की राजधानी मॉस्को में शरणार्थियों की तरह रह रहे हैं। अदालत ने असद को उनकी गैर-मौजूदगी (In Absentia) में फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला सीरियाई इतिहास का एक बड़ा कूटनीतिक और कानूनी मोड़ माना जा रहा है।

क्या हैं बशर अल-असद पर आरोप और क्यों मिली फांसी?

साल 2011 में शुरू हुए सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान असद सरकार पर अपने ही नागरिकों के खिलाफ क्रूरतम बल प्रयोग करने के गंभीर आरोप लगे थे। अदालत ने अपने फैसले में मुख्य रूप से निम्नलिखित संगीन आरोपों को आधार बनाया:

  • रासायनिक हथियारों का प्रयोग: अलेप्पो, घोउटा और इदलिब जैसे शहरों में बेकसूर नागरिकों, बच्चों और महिलाओं पर सरिन गैस और क्लोरीन जैसे घातक रासायनिक हथियारों के हमलों का आदेश देना।

  • लाखों नागरिकों की हत्या व पलायन: 13 से अधिक वर्षों तक चले गृहयुद्ध में 5 लाख से अधिक लोगों की जान गई और लगभग 1 करोड़ से अधिक सीरियाई नागरिकों को शरणार्थी बनने पर मजबूर होना पड़ा।

  • गुप्त कैदखानों में प्रताड़ना: असद शासन के तहत चलने वाले बदनाम ‘सैदनाया मिलिट्री प्रिजन’ जैसे गुप्त जेलों में हजारों राजनीतिक बंदियों को अमानवीय यातनाएं देकर मार डालने का दोष सिद्ध पाया गया।

रूस में रह रहे हैं असद: क्या होगा प्रत्यर्पण (Extradition)?

जब सीरियाई विद्रोहियों (HTS और अन्य साझेदार गुटों) ने दमिश्क पर पूर्ण नियंत्रण जमा लिया था, तब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने पुराने सहयोगी असद को सुरक्षित रूप से मॉस्को बुला लिया था और उन्हें मानवीय आधार पर राजनीतिक शरण (Political Asylum) प्रदान की थी।

अब सीरिया की नई अंतरिम सरकार ने रूस से बशर अल-असद को तत्काल सीरिया को सौंपने (Extradite) की मांग की है ताकि अदालत के आदेश का तामील कराया जा सके। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अपने संविधान और सुरक्षा नीतियों का हवाला देकर असद के प्रत्यर्पण की मांग को खारिज कर सकता है। इसके बावजूद, इस फैसले के बाद बशर अल-असद के लिए रूस से बाहर किसी भी देश में कदम रखना या यात्रा करना नामुमकिन हो जाएगा, क्योंकि उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट (Red Corner Notice) जारी किया जा रहा है।

सीरियाई नागरिकों में जश्न का माहौल, अंतरिम सरकार का कड़ा संदेश

अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद दमिश्क, अलेप्पो और इदलिब की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए और जश्न मनाते दिखे। असद के शासनकाल में अपनों को खोने वाले परिवारों ने इस फैसले को देर से मिला ‘सच्चा न्याय’ करार दिया है।

सीरिया की नई अंतरिम सरकार के प्रमुख ने बयान जारी कर कहा कि यह फैसला दुनिया के सभी तानाशाहों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सत्ता का अहंकार किसी को भी कानून और जनता के न्याय से नहीं बचा सकता। भले ही असद रूस के किसी महफूज ठिकाने में छिपे हों, लेकिन सीरियाई इतिहास उन्हें हमेशा एक सजायाफ्ता मुजरिम के तौर पर ही याद रखेगा।

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