ईरानी हमले का खौफ… जब कैटरिंग ट्रक में छिपकर एयरफोर्स वन से निकले थे ट्रंप, फिर खुफिया ऑपरेशन के जरिए बदला था विमान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने दुनिया भर की खुफिया एजेंसियों और मीडिया को हैरत में डाल दिया है। तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से वापसी के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान से मिले एक बहुत ही गंभीर और सीधे ‘मिसाइल व हत्या के खतरे’ (Assassination Threat) का सामना करना पड़ा था।

ईरान के किसी भी संभावित मिसाइल हमले या हमले की कोशिश को नाकाम करने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी ‘सीक्रेट सर्विस’ और अमेरिकी सेना ने मिलकर रनवे पर एक अभूतपूर्व ‘डीसेप्शन ऑपरेशन’ (छलावा ऑपरेशन) को अंजाम दिया। सभी कैमरों के सामने राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पारंपरिक नीले और सफेद रंग के बोइंग 747 ‘एयरफोर्स वन’ विमान में बड़े आराम से प्रवेश किया और हाथ हिलाकर हाथ मिलाया। मीडिया, पत्रकारों की टीम और यहां तक कि व्हाइट हाउस के कई कर्मचारियों को भी पूरा यकीन था कि राष्ट्रपति उसी विमान के अंदर बैठे हैं और वे उनके साथ यात्रा कर रहे हैं।

फूड (कैटरिंग) ट्रक में छिपकर विमान से बाहर निकले ट्रंप

कैमरों की नजर से दूर होते ही विमान की दूसरी तरफ एक हाई-लेवल सीक्रेट ऑपरेशन शुरू हुआ। विमान में खाना और एयरलाइन सप्लाई लोड करने वाले हाइड्रोलिक कैटरिंग ट्रक (Food/Catering Truck) को ‘एयरफोर्स वन’ के दूसरे दरवाजे (जो कैमरों की पहुंच से बाहर था) पर खड़ा किया गया।

राष्ट्रपति ट्रंप और उनके कुछ चुनिंदा खास सुरक्षा सलाहकारों को गुपचुप तरीके से एयरफोर्स वन से निकालकर इस कैटरिंग ट्रक के अंदर ले जाया गया। इसके बाद कैटरिंग ट्रक को नीचे उतारा गया और रनवे के दूसरे कोने पर खड़े एक छोटे सैन्य विमान C-32A (मॉडिफाइड बोइंग 757) के पास ले जाया गया, जहाँ ट्रंप चुपचाप सवार हो गए। इस पूरे ड्रामे के दौरान मूल ‘एयरफोर्स वन’ विमान एक ‘डमी’ (Decoy Plane) की तरह उड़ता रहा, ताकि किसी भी संभावित हमले का निशाना असली राष्ट्रपति के बजाय केवल डमी विमान बने।

पत्रकारों से बंद करवाई गई थीं खिड़कियां, कहा- ‘यह खतरनाक उड़ान है’

इस ऑपरेशन को इतना गुप्त रखा गया था कि डमी एयरफोर्स वन में मौजूद पत्रकारों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस विमान में वे सफर कर रहे हैं, उसमें देश के राष्ट्रपति मौजूद ही नहीं हैं। टेक-ऑफ से ठीक पहले सीक्रेट सर्विस ने प्रेस केबिन में मौजूद सभी पत्रकारों को अपने-अपने खिड़कियों के पर्दे (Window Blinds) पूरी तरह से बंद करने के कड़े निर्देश दिए थे।

बाद में जब यह डमी एयरफोर्स वन और राष्ट्रपति का छोटा सीक्रेट प्लेन ब्रिटेन के ‘रॉयल एयर फोर्स माइल्डनहॉल’ बेस पर पहुंचे, तो वहां ट्रंप को सीक्रेट प्लेन से उतारकर वापस डमी एयरफोर्स वन में ले जाया गया। इसके बाद जब वे मुख्य सीढ़ी से उतरकर पत्रकारों के सामने आए तो सभी चौंक गए। पत्रकारों द्वारा खिड़कियां बंद रखने के सवाल पर ट्रंप ने रहस्यमयी अंदाज में कहा था, “आप शायद एक बेहद खतरनाक फ्लाइट पर थे, क्योंकि हमें कई कमीनों से निपटना पड़ता है। मैं ईरान की हिट-लिस्ट में नंबर वन पर हूँ, लेकिन अगर मैं जाऊंगा तो तुम भी जाओगे।”

क्यों पैदा हुआ था इतना बड़ा खतरा?

यह सनसनीखेज घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच चरम पर पहुंचे भीषण सैन्य तनाव के दौरान हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और अमेरिकी वायुसेना द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद ईरान की ओर से अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से राष्ट्रपति को निशाना बनाने की सीधी धमकियां मिल रही थीं।

यद्यपि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों की सुरक्षा के लिए डमी प्लेन का इस्तेमाल पहले भी होता रहा है (जैसे साल 2000 में बिल क्लिंटन के पाकिस्तान दौरे के समय), लेकिन एयरपोर्ट पर कैटरिंग ट्रक में छिपकर किसी राष्ट्रपति का विमान बदलना अमेरिकी इतिहास की सबसे अनोखी और अजीबोगरीब घटनाओं में दर्ज हो गया है। इस घटना के खुलासे के बाद अब अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में राष्ट्रपति की सुरक्षा और इस्तेमाल किए जा रहे विमानों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

Check Also

सीरिया के पूर्व तानाशाह बशर अल-असद को फांसी की सजा, रूस में शरण लिए पूर्व राष्ट्रपति को सीरियाई अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला

दमिश्क (सीरिया) की एक विशेष अदालत ने देश के पूर्व राष्ट्रपति और दशकों तक सीरिया …