
आगामी धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज और छठ महापर्व को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर शासन-प्रशासन को बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि त्योहारों और परंपराओं की आड़ में किसी भी प्रकार का उपद्रव, दुर्भावनापूर्ण विवाद या सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अराजक, असामाजिक और उपद्रवी तत्वों के खिलाफ प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति के तहत ऐसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं जो दूसरों के लिए नजीर बने।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस विभाग और मैदानी प्रशासनिक मशीनरी के अवकाश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं।
-
फील्ड में उतरेंगे वरिष्ठ अधिकारी: लखनऊ सचिवालय से लेकर जिला, तहसील और थाना स्तर तक के सभी अधिकारियों व कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
-
फुट पेट्रोलिंग अनिवार्य: जिलाधिकारियों (DM), पुलिस कप्तानों (SP/SSP) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर स्वयं बाजारों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त (Foot Patrolling) करने का आदेश दिया गया है।
-
पीआरवी-112 चौबीसों घंटे सक्रिय: यूपी डायल 112 की सभी पेट्रोलिंग गाड़ियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल रिस्पॉन्स दिया जा सके।
सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए अक्सर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग किया जाता है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेल और साइबर सेल को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रखा गया है:
-
व्हाट्सएप ग्रुप्स, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर सांप्रदायिक या भड़काऊ पोस्ट, फर्जी वीडियो अथवा अफवाह फैलाने वालों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
-
पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि अफवाह फैलाने वालों और माहौल को खराब करने की कोशिश करने वालों पर बिना किसी देरी के त्वरित प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जेल भेजा जाए।
मुख्यमंत्री ने धार्मिक आयोजनों और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर भी कड़े सुरक्षा मानक तय किए हैं:
-
संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा: सभी प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी (PAC) की तैनाती रहेगी।
-
प्रतिमा स्थापना की अनुमति: प्रतिमा स्थापना और धार्मिक शोभायात्राओं के लिए समयबद्ध प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य है; बिना अनुमति या नई परंपरा की आड़ में विवाद खड़ा करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
-
खुले स्थानों पर ही पटाखों की दुकानें: अग्निसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट किया गया है कि पटाखों की दुकानें और अस्थायी बारूद गोदाम घनी आबादी से दूर केवल चिन्हित खुले मैदानों में ही लगाए जाएंगे। दमकल विभाग (Fire Brigade) आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों के साथ हाई अलर्ट पर रहेगा।
अयोध्या में 7 नवंबर को आयोजित होने वाले भव्य ‘दीपोत्सव’ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहले से रूट डायवर्जन प्लान लागू करने और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में त्योहारों के दौरान रोस्टरमुक्त 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, शुद्ध पेयजल और एंटी-लार्वा फॉगिंग का विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। परिवहन विभाग को अतिरिक्त बसें चलाने और निजी बस ऑपरेटरों द्वारा मनमाना किराया वसूलने पर तुरंत परमिट रद्द करने व दंडात्मक कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
The News 11 – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया