
झारखंड के ग्रामीण युवाओं के लिए अब उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर दूर शहरों तक सीमित नहीं रहेंगे। झारखंड सरकार एक ऐसी नई पहल की तैयारी में है, जिसके तहत गांव स्तर पर ही डिग्री आधारित कोर्स शुरू किए जाएंगे। इस योजना का मकसद ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
गांव में ही उच्च शिक्षा की सुविधा
राज्य सरकार की प्रस्तावित योजना के अनुसार चयनित गांवों और प्रखंडों में ऐसे कोर्स संचालित किए जाएंगे, जो स्थानीय जरूरतों से जुड़े हों। कृषि, पशुपालन, कौशल विकास, आईटी और लघु उद्योग जैसे क्षेत्रों में डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इससे छात्रों को बड़े शहरों में पलायन करने की आवश्यकता कम होगी और पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी गांव में ही विकसित होंगे।
रोजगार से जुड़ा होगा पाठ्यक्रम
सरकार की योजना केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कोर्स को उद्योग और बाजार की मांग के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। स्थानीय उद्योगों, स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप से तालमेल कर युवाओं को प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के अवसर भी दिए जा सकते हैं। इससे पढ़ाई पूरी करते ही युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार का रास्ता मिल सकेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। गांवों में ही स्किल्ड मैनपावर तैयार होने से स्थानीय उत्पादन और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में रोजगार सृजन की रफ्तार तेज हो सकती है और पलायन की समस्या में भी कमी आएगी।
युवाओं में उत्साह
इस पहल को लेकर छात्रों और अभिभावकों में उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा संस्थानों और प्रोफेशनल कोर्स की कमी महसूस की जा रही थी। सरकार की यह पहल उस कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
झारखंड सरकार की इस नई योजना से उम्मीद है कि आने वाले समय में गांव ही शिक्षा और रोजगार का केंद्र बनेंगे, जिससे राज्य के हजारों युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
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