
नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 17 अगस्त 2026 तक का समय कई राशियों के लिए भारी पड़ सकता है। इस समय ग्रहों के राजा सूर्य और मायावी ग्रह राहु मिलकर अत्यंत अशुभ माना जाने वाला ‘षडाष्टक योग’ बना रहे हैं। वर्तमान में सूर्य कर्क राशि में हैं और राहु कुंभ राशि में विराजमान हैं, जिससे दोनों ग्रहों के बीच छठा और आठवां (षडाष्टक) संबंध बन रहा है।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, षडाष्टक योग जनमानस, सेहत और आर्थिक स्थिति के लिए बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता है।
देश-दुनिया और सेहत पर षडाष्टक योग का असर
सूर्य आत्मा, पिता, ऊर्जा और सरकारी तंत्र के कारक हैं। जब उन पर राहु का अशुभ प्रभाव पड़ता है, तो ऑफिस में उच्चाधिकारियों से अनबन, त्वचा रोग, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी और अचानक वित्तीय उलझनें बढ़ने लगती हैं। व्यापार में भी सोचे हुए परिणाम नहीं मिलते।
कन्या और मकर राशि को मिलेगा बंपर फायदा
ग्रहों की विशेष स्थितियों के चलते यह योग 2 राशियों के लिए विपरीत राजयोग जैसा फल देगा:
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कन्या और मकर राशि: इन दोनों जातकों को करियर, बिजनेस और धन के मामले में अप्रत्याशित सफलता मिलेगी। मन प्रसन्न रहेगा और व्यापार में मुनाफा होगा।
इन 10 राशियों को 17 अगस्त तक विशेष सावधान रहने की जरूरत
मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातकों को इस दौरान फूंक-फूंककर कदम रखना होगा। जल्दबाजी में निवेश न करें, भ्रामक खबरों से बचें और बहसबाज़ी से दूर रहें।
सूर्य-राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के सटीक उपाय
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सूर्यदेव के उपाय: रोज सुबह तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्घ्य दें और पिता का सम्मान करें।
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राहु के उपाय: शनिवार को ‘ॐ राहवे नमः’ मंत्र का जाप करें और काले तिल, काली उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें।
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