‘झूठी है ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट’, NSA अजित डोभाल की गुप्त अमेरिका यात्रा पर विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान

नई दिल्ली। भारत सरकार ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘ब्लूमबर्ग’ की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने पिछले साल अमेरिका की गुप्त यात्रा की थी। विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह ‘निराधार’ और ‘तथ्यहीन’ करार दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई बैठक या यात्रा कभी हुई ही नहीं है, जैसा कि रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है।

विदेश मंत्रालय की दो टूक: ‘तथ्यों में कोई दम नहीं’

गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, “ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट का कोई आधार नहीं है। ऐसी कोई बैठक या यात्रा नहीं हुई है।” विदेश मंत्रालय का यह बयान उन कयासों पर विराम लगाने के लिए आया है, जो भारत-अमेरिका संबंधों के बीच कथित तनाव और गुप्त कूटनीति की ओर इशारा कर रहे थे।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में क्या था ‘सनसनीखेज’ दावा?

ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया था कि सितंबर 2025 में अजित डोभाल गुपचुप तरीके से अमेरिका गए थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि वहां डोभाल की मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से हुई थी।

  • कड़ा रुख: रिपोर्ट के अनुसार, डोभाल ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया था कि भारत दबाव की राजनीति में नहीं आएगा।

  • ट्रेड डील: दावा किया गया कि डोभाल ने कहा था कि यदि ट्रेड डील के लिए ट्रंप के कार्यकाल के खत्म होने का इंतजार करना पड़े, तो भारत इसके लिए तैयार है।

  • आलोचना पर आपत्ति: रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत चाहता है कि ट्रंप और उनके सहयोगी सार्वजनिक मंचों पर भारत की आलोचना करना कम करें।

ट्रंप की घोषणा और मोदी के साथ ‘दोस्ती’

ब्लूमबर्ग का यह दावा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस हालिया बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते (Trade Deal) की घोषणा की थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी थी कि:

  • अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगने वाले टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है।

  • उन्होंने पीएम मोदी को अपना ‘सबसे अच्छा दोस्त’ और एक शक्तिशाली नेता बताया।

  • ट्रंप के अनुसार, भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर अमेरिका और वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने पर सहमत हुआ है।

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