गांधीनगर। दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले अदाणी समूह और पत्रकार रवि नायर के बीच चल रहे कानूनी विवाद में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। गुजरात के गांधीनगर स्थित मानसा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मंगलवार को पत्रकार रवि नायर को आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी करार देते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कारावास के साथ-साथ उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
सोशल मीडिया पोस्ट बनी गले की फांस, प्रतिष्ठा को चोट का आरोप
अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने रवि नायर के खिलाफ यह कानूनी लड़ाई लड़ी थी। कंपनी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि नायर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X/Twitter) पर समूह के खिलाफ कई भ्रामक और झूठे ट्वीट साझा किए थे। कंपनी का तर्क था कि इन बयानों का उद्देश्य केवल समूह की प्रतिष्ठा को सार्वजनिक रूप से धूमिल करना और निवेशकों के भरोसे को तोड़ना था।
अदालत ने माना- ‘निष्पक्ष टिप्पणी’ नहीं थे नायर के ट्वीट
सुनवाई के दौरान अदाणी इंटरप्राइजेज (AEL) के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि पत्रकार द्वारा किए गए ट्वीट किसी भी तरह से निष्पक्ष आलोचना या वैध टिप्पणी के दायरे में नहीं आते। कंपनी ने अदालत को सबूत पेश करते हुए बताया कि ये ट्वीट जनता और निवेशकों की नजर में कंपनी की विश्वसनीयता गिराने के लिए जानबूझकर प्रसारित किए गए थे।
मानसा कोर्ट का फैसला और सजा का ऐलान
मामले की विस्तृत सुनवाई पूरी होने के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पाया कि अदाणी समूह ने अपने आरोपों को सफलतापूर्वक साबित कर दिया है। अदालत ने माना कि रवि नायर द्वारा साझा की गई जानकारी आपराधिक मानहानि की श्रेणी में आती है। इसके बाद अदालत ने दोषी पत्रकार को एक साल के साधारण कारावास और जुर्माने की सजा का ऐलान कर दिया। हालांकि, सजा के ऐलान के बाद फिलहाल रवि नायर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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