सेल्स की दुनिया में बड़ा धमाका: VYLO SIGNALS का यह जादुई AI टूल खोलेगा कंपनियों की पोल, पकड़ी जाएगी मार्केटिंग और प्रोडक्ट्स की हर खामी

नई दिल्ली (ब्यूरो): बिजनेस जगत में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतर आया है। भारतीय स्टार्टअप VYLO SIGNALS ने एक ऐसा क्रांतिकारी AI वॉइस रिकॉर्डर विकसित किया है, जो कंपनियों की सबसे बड़ी सिरदर्दी—’फील्ड सेल्स’ की हकीकत—को चुटकियों में सुलझा देगा। यह टूल न केवल सेल्स टीम और ग्राहकों के बीच होने वाली गुप्त बातचीत का कच्चा चिट्ठा खोलेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि आपकी बिजनेस डील आखिर क्यों फेल हो रही है।

‘इंडिया इम्पैक्ट समिट’ में तकनीक का जलवा: अब नहीं चलेगी सेल्स टीम की बहानेबाजी

हाल ही में आयोजित ‘इंडिया इम्पैक्ट समिट’ के दौरान इस स्वदेशी AI टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया गया। अक्सर कंपनियों को यह तो पता होता है कि उनके प्रतिनिधि ने कितनी मीटिंग्स कीं, लेकिन यह हमेशा एक रहस्य रहता है कि मीटिंग रूम के भीतर असल में क्या बात हुई। VYLO SIGNALS के डायरेक्टर (प्रोडक्ट्स) विपुल खन्ना ने बताया कि यह टूल सीधे कंपनी के मैनेजमेंट को वह ‘एक्शनेबल इंटेलिजेंस’ देगा, जिससे बिजनेस की दिशा बदली जा सकेगी।

क्यों नहीं बिक रहा आपका प्रोडक्ट? AI बताएगा असली वजह

ज्यादातर मामलों में सेल्स लक्ष्य पूरे न होने पर उत्पाद या बाजार को दोष दिया जाता है, लेकिन हकीकत कुछ और हो सकती है। यह स्मार्ट AI टूल रिकॉर्डिंग के आधार पर विश्लेषण करेगा कि:

  • क्या सेल्स प्रतिनिधि ने प्रोडक्ट के फीचर्स की गलत जानकारी दी?

  • क्या ग्राहक को प्रोडक्ट की डिजाइन या कीमत से आपत्ति थी?

  • क्या कंपनी की तय प्रक्रिया (SOP) का सही ढंग से पालन किया गया?

ग्राहक की सहमति से रिकॉर्डिंग, सीधे मैनेजर के पास पहुंचेंगे ‘मेन पॉइंट्स’

VYLO SIGNAL तकनीक ग्राहक की अनुमति के साथ बातचीत रिकॉर्ड करती है। खास बात यह है कि सेल्स मैनेजर को घंटों लंबी रिकॉर्डिंग सुनने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह AI टूल पूरी बातचीत का सार (Summary) तैयार करेगा और महत्वपूर्ण अंशों (High-impact signals) को हाईलाइट कर देगा। इससे यह समझना आसान हो जाएगा कि कौन सी सेल्स पिच काम कर रही है और कहां सुधार की जरूरत है।

ट्रेनिंग और कोचिंग में आएगा क्रांतिकारी बदलाव

इस तकनीक के आने से नई सेल्स टीम की ट्रेनिंग और पुराने कर्मचारियों की कोचिंग बेहद आसान हो जाएगी। कंपनियों को अब ग्राहकों से सीधे ‘रियल-टाइम’ फीडबैक मिलेगा, जिससे वे अपनी मार्केटिंग रणनीति को अधिक कारगर बना सकेंगी। यह टूल न केवल टीम के प्रदर्शन में एकरूपता लाएगा, बल्कि उन छिपी हुई बाधाओं को भी उजागर करेगा जो अब तक मैनेजमेंट की नजरों से ओझल थीं।

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