
डिजिटल दुनिया में तेजी से बढ़ते डीपफेक खतरे के बीच France ने सख्त रुख अपनाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के मालिक Elon Musk को फ्रांसीसी अधिकारियों ने पूछताछ के लिए तलब किया है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर बड़ी मात्रा में भ्रामक और डीपफेक कंटेंट फैलाया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था और सूचना की विश्वसनीयता पर खतरा पैदा हो रहा है।
डीपफेक कंटेंट पर बढ़ी सख्ती
फ्रांस की साइबर सुरक्षा और मीडिया रेगुलेटरी एजेंसियों का कहना है कि हाल के महीनों में डीपफेक वीडियो और मॉर्फ्ड कंटेंट की संख्या में तेजी आई है। यह कंटेंट न केवल आम लोगों को भ्रमित कर रहा है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक माहौल को भी प्रभावित कर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सीधे प्लेटफॉर्म के शीर्ष नेतृत्व से जवाब मांगने का फैसला किया है।
मस्क पर क्यों आया दबाव
Elon Musk के नेतृत्व में X ने कंटेंट मॉडरेशन नीतियों में कई बदलाव किए हैं। आलोचकों का आरोप है कि इन बदलावों के कारण फर्जी और भ्रामक कंटेंट को बढ़ावा मिला है। फ्रांसीसी अधिकारियों का मानना है कि प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे कंटेंट पर समय रहते नियंत्रण लगाए।
कानूनी कार्रवाई के संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो फ्रांस कड़े कानूनी कदम उठा सकता है। इसमें भारी जुर्माना या प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त नियम लागू करना शामिल हो सकता है। यूरोप में पहले से ही डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत टेक कंपनियों पर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता
डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग अब केवल एक देश की समस्या नहीं रह गया है। दुनिया भर की सरकारें इसे लेकर सतर्क हैं और टेक कंपनियों से जवाबदेही की मांग कर रही हैं। फ्रांस की यह कार्रवाई अन्य देशों के लिए भी एक संकेत मानी जा रही है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और सख्त की जा सकती है।
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