असम कैबिनेट का कड़ा फैसला: बहुविवाह करने वाले कर्मचारियों की जाएगी नौकरी

असम सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में अनुशासन और सामाजिक सुधार को लेकर एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी एक से अधिक विवाह (बहुविवाह/Polygamy) में लिप्त पाया जाता है, तो उसे विभागीय जांच के बाद सरकारी नौकरी से सीधे बर्खास्त (Dismiss) कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नया नियम किसी धर्म विशेष के लिए नहीं, बल्कि राज्य के सभी धर्मों और समुदायों के सरकारी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा। इसके लिए असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन को मंजूरी दी गई है और नियम 7 के तहत नया उप-खंड (Clause 6) जोड़ा गया है। इस प्रावधान के तहत बहुविवाह साबित होने पर कर्मचारी को तत्काल सेवा से बाहर कर स्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया जा सकेगा। राज्य सरकार पहले ही बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाले कानून का प्रारूप तैयार कर चुकी है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया है।

कैबिनेट का दूसरा सबसे बड़ा फैसला पूर्वी असम में आई विनाशकारी बाढ़ और जलभराव के कारणों की उच्च स्तरीय जांच से जुड़ा है। शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में दिक्खौ नदी के अचानक उफान और तटबंध टूटने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ था। स्थानीय स्तर पर और विपक्ष द्वारा आरोप लगाए गए थे कि नगालैंड सीमा से सटी नदियों में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन और अनियंत्रित निर्माण कार्यों के चलते यह मानव निर्मित आपदा (Man-made Disaster) उत्पन्न हुई।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि बाढ़ के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष और पारदर्शी पड़ताल के लिए असम सरकार अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र सरकार को पत्र भेजकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की आधिकारिक सिफारिश करेगी। यह पहला मौका होगा जब किसी प्राकृतिक आपदा जैसी दिखने वाली स्थिति के पीछे के तकनीकी व मानवीय कारणों की जांच देश की शीर्ष जांच एजेंसी से कराने की पहल की जा रही है।

फैसला / योजना कैबिनेट का मुख्य निर्णय प्रभाव / उद्देश्य
1. राज्य का पहला डिफेंस पार्क 6,000 बीघा भूमि पर रक्षा विनिर्माण पार्क को मंजूरी राज्य में रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस इंडस्ट्री और हजारों रोजगार का सृजन
2. धान खरीद का नया एमएसपी किसानों को अब ₹2,640 प्रति क्विंटल का भुगतान सरकारी खरीद में किसानों की आय में सीधा इजाफा और आर्थिक मजबूती
3. नए रोपवे प्रोजेक्ट्स NHLML और असम सरकार के बीच 5 नए रोपवे का करार पर्यटन और पहाड़ी इलाकों में सुगम सार्वजनिक परिवहन का विस्तार
4. 13 राज्य क्षेत्रीय परिषदें ‘विकसित असम’ के तहत 13 राज्य स्तरीय परिषदों का गठन जमीनी स्तर पर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन

राज्य में विकास योजनाओं को बिना किसी प्रशासनिक देरी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ‘विकसित असम’ रोडमैप के तहत 13 राज्य स्तरीय क्षेत्रीय परिषदों (Regional Councils) के गठन को मंजूरी दी गई है। ये परिषदें स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और ग्रामीण विकास की परियोजनाओं की प्रत्यक्ष मॉनिटरिंग करेंगी, जिससे सरकारी बजट के लीकेज को रोका जा सके और जवाबदेही तय की जा सके।

हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के इन फैसलों को राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता, समान नागरिक संहिता (UCC) की ओर बढ़ते कदम और आगामी आर्थिक औद्योगिकीकरण की दिशा में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

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