अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण इस समय पूरी दुनिया एक भीषण ऊर्जा संकट (Energy Crisis) का सामना कर रही है। वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई ठप हो गई है, जिसकी वजह से पाकिस्तान में ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं और जनता बेहाल है। इस कूटनीतिक और आर्थिक महा-संकट के बीच, पाकिस्तान के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। देश के सिंध प्रांत में तेल और गैस का एक नया खजाना हाथ लगा है। हालांकि, आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस खोज से पाकिस्तान को तात्कालिक रूप से मामूली राहत ही मिलेगी, कोई बहुत बड़ा चमत्कार होने की उम्मीद नहीं है।
भारत के राजस्थान बॉर्डर के पास संगर जिले में मिले तेल के कुएं
पाकिस्तान की सरकारी तेल और गैस कंपनी, ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (OGDCL) ने दक्षिणी सिंध प्रांत के संगर जिले में इस नए हाइड्रोकार्बन भंडार की खोज की है। भौगोलिक रूप से यह इलाका भारत के राजस्थान बॉर्डर के बेहद करीब पाकिस्तानी सीमा के भीतर आता है। ओजीडीसीएल (OGDCL) का दावा है कि इस नई खोज से न सिर्फ कंपनी के हाइड्रोकार्बन रिजर्व का आधार मजबूत होगा, बल्कि घरेलू संसाधनों के जरिए देश में बढ़ रही ऊर्जा की मांग और सप्लाई के बीच के बड़े अंतर (Gap) को कम करने में भी काफी मदद मिलेगी।
‘बोबी डीप-1’ कुएं से प्रतिदिन होगा हजारों बैरल तेल का प्रोडक्शन
पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज और लंदन स्टॉक एक्सचेंज को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र में, ओजीडीसीएल ने अपने शेयरधारकों को इस बड़ी कामयाबी की पूरी डिटेल साझा की है। 3 जून को जारी किए गए इस पत्र के मुताबिक, संगर जिले के बोबी और धमराकी माइनिंग लीज इलाकों में खोज की गई थी। कंपनी ने यहां 100 फीसदी वर्किंग इंटरेस्ट वाले ऑपरेटर के तौर पर अपने एक्सप्लोरेटरी कुएं ‘बोबी डीप-1’ (Bobi Deep-1) से सफलतापूर्वक तेल और गैस निकाला है।
शुरुआती परीक्षणों के अनुसार, इस कुएं से $32/64$ इंच के चोक साइज पर प्रति दिन 2,000 बैरल तेल (BOPD) और 1.1 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस (MMSCFD) का लगातार प्रोडक्शन हो रहा है। इस दौरान वेलहेड फ्लोइंग प्रेशर 1,050 पाउंड प्रति स्क्वायर इंच (PSI) दर्ज किया गया था।
3 हजार मीटर से ज्यादा की गहराई में मिला पहली बार हाइड्रोकार्बन
ओजीडीसीएल के पत्र के मुताबिक, यह ऐतिहासिक खोज पिछले महीने 3 मई को हुई थी। कंपनी ने अपनी स्वदेशी तकनीकी और ऑपरेशनल क्षमताओं का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए सेमबार फॉर्मेशन (Sembar Formation) में 3,305 मीटर (3 किमी से अधिक) की कुल गहराई तक कुएं की खूंखार खुदाई की थी। यह इस पूरे इलाके में ‘मैसिव सैंड प्ले’ से हाइड्रोकार्बन की अब तक की पहली और सबसे बड़ी खोज है। कंपनी का मानना है कि इस खोज ने न सिर्फ एक नया एक्सप्लोरेशन प्ले स्थापित किया है, बल्कि आस-पास के ब्लॉक में छिपे तेल के स्रोतों से जुड़े रिस्क को भी काफी कम कर दिया है, जिससे भविष्य में नए कुएं खोदने के रास्ते खुल गए हैं।
क्या कम होंगे पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम?
इस खोज के बाद आम जनता के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होंगे? हालांकि, आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान की विशाल आबादी और उसकी दैनिक तेल खपत के सामने प्रतिदिन 2,000 बैरल तेल का उत्पादन ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। देश की अर्थव्यवस्था इस समय जिस भारी कर्ज और विदेशी मुद्रा संकट से गुजर रही है, उसे देखते हुए यह तेल का खजाना केवल एक मरहम का काम कर सकता है। इससे पाकिस्तान का विदेशी तेल आयात बिल थोड़ा कम जरूर होगा, लेकिन घरेलू बाजार में तेल की कीमतों में कोई बहुत बड़ी गिरावट आ जाएगी, इसकी उम्मीद बेहद कम है।
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