KGMU में ‘अवैध’ मजारों पर चला प्रशासन का हंटर, 15 दिन का अल्टीमेटम; जानें क्या है पूरा विवाद?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में अवैध निर्माण को लेकर हड़कंप मच गया है। केजीएमयू प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए परिसर में बनी मजारों को ‘अवैध’ घोषित कर दिया है और उन्हें हटाने का नोटिस चस्पा कर दिया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर ये संरचनाएं खुद नहीं हटाई गईं, तो इन्हें बुलडोजर और भारी पुलिस बल की मदद से ध्वस्त कर दिया जाएगा।

माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पीछे मजारों पर चस्पा हुआ नोटिस

केजीएमयू के नोडल अधिकारी (भूमि अधिग्रहण) प्रोफेसर केके सिंह की ओर से जारी आदेश के बाद मजारों पर नोटिस लगा दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पीछे स्थित मजारों के खिलाफ की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि ये निर्माण सरकारी भूमि पर अवैध रूप से किए गए हैं, जो संस्थान की सुरक्षा और विकास कार्यों में बाधा बन रहे हैं। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रशासन को ये मजारें हटानी पड़ीं, तो ध्वस्तीकरण का पूरा खर्च भी संबंधित जिम्मेदारों से ही वसूला जाएगा।

राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप, लगे गंभीर आरोप

इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब भाजपा के उत्तर प्रदेश मंत्री और युवा मोर्चा नेता अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इन संरचनाओं को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केजीएमयू परिसर में करीब 6-7 अवैध मजारें मौजूद हैं, जो न केवल सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हैं, बल्कि कट्टरपंथ और ‘लव जिहाद’ जैसी संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र भी बन रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ये निर्माण ट्रॉमा सेंटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के पास हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा आ रही है।

प्रशासन की तैयारी: पुलिस और प्रशासन को भेजा पत्र

केजीएमयू प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस आयुक्त को भी पत्र भेजकर सूचित कर दिया है। प्रशासन का मानना है कि अस्पताल परिसर जैसे सार्वजनिक स्थल पर इस तरह के धार्मिक अतिक्रमण के लिए कोई जगह नहीं है। वहीं, नोटिस चस्पा होने के बाद परिसर में तनाव और चर्चाओं का माहौल गर्म है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।

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