बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री और ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी (Hema Malini) ने अपने दशकों लंबे फिल्मी सफर में भारतीय सिनेमा को कई ब्लॉकबस्टर और यादगार फिल्में दी हैं। शोले की ‘बसंती’ से लेकर ‘सीता और गीता’ जैसे किरदारों से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली हेमा मालिनी पिछले काफी समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। साल 2020 के बाद से फैंस उन्हें दोबारा किसी फिल्म में देखने का इंतजार कर रहे हैं। अब सालों बाद खुद हेमा मालिनी ने एक इंटरव्यू में इस राज से पर्दा उठाया है कि उन्होंने आखिर फिल्मों से दूरी क्यों बना ली है।
‘मैं खुशनसीब हूं कि मैंने सिनेमा के गोल्डन पीरियड में काम किया’
जूम (Zoom) से खास बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने पुराने दौर और आज के दौर की फिल्ममेकिंग के अंतर को खुलकर साझा किया। उन्होंने अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा:
“वह एक बिल्कुल अलग एरा (दौर) था। मैं कहूंगी कि वह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का ‘गोल्डन पीरियड’ (स्वर्ण काल) था और मैं खुद को बेहद खुशनसीब मानती हूं कि मैं उस शानदार जर्नी का हिस्सा रही। उस दौर में कई बेहद खूबसूरत और खासकर महिला-केंद्रित (Woman-Oriented) फिल्में बनती थीं। मुझे ‘सपनों का सौदागर’, ‘सीता और गीता’, ‘खुशबू’ जैसी कई नायाब फिल्मों में काम करने का मौका मिला।”
हेमा मालिनी ने आगे बताया कि जब वह आज पीछे मुड़कर देखती हैं, तो उन्हें गर्व होता है कि उन्होंने अपने करियर में लगभग 200 फिल्मों में काम किया है। उस समय कई निर्माता-निर्देशक उन्हें अपनी फिल्मों में बार-बार कास्ट करते थे। उन दिनों हर फिल्म में 5 या 6 गाने होना और उनका हिट होना प्रोड्यूसर्स के लिए सफलता की सबसे बड़ी गारंटी माना जाता था।
इस मुख्य वजह से आज की फिल्मों से बनाई दूरी
जब हेमा मालिनी से पूछा गया कि आखिर अब वह फिल्मों में अभिनय क्यों नहीं कर रही हैं, तो उन्होंने बेहद साफगोई से जवाब दिया। एक्ट्रेस ने कहा, “आज के समय में फिल्ममेकिंग का तरीका और तकनीक पूरी तरह बदल चुकी है। बहुत से लोग मुझसे अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि मैं अब स्क्रीन पर क्यों नजर नहीं आती। सच यह है कि आजकल जिस तरह की फिल्में और कहानियां लिखी व बनाई जा रही हैं, उसमें खुद को एडजस्ट करना (तालमेल बिठाना) मेरे लिए काफी मुश्किल है।” इसी वैचारिक और रचनात्मक बदलाव के कारण उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाना बेहतर समझा।
कैसा रहा है ‘ड्रीम गर्ल’ का फिल्मी सफर?
हेमा मालिनी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 1968 में आई फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ से की थी, जिसमें वह शोमैन राज कपूर के साथ नजर आई थीं। इसी फिल्म के बाद से उन्हें ‘ड्रीम गर्ल’ का प्रतिष्ठित टैग मिला। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और ‘शोले’, ‘सीता और गीता’, ‘सत्ते पे सत्ता’, ‘क्रांति’, ‘त्रिशूल’, ‘ड्रीम गर्ल’ और अमिताभ बच्चन के साथ ‘बागबान’ जैसी एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दीं।
साल 2020 में आई थी आखिरी फिल्म, अब राजनीति और परिवार में व्यस्त
अगर हेमा मालिनी की आखिरी रिलीज फिल्म की बात करें, तो वह साल 2020 में आई फिल्म ‘शिमला मिर्ची’ में नजर आई थीं। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी इस रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म में उनके साथ राजकुमार राव और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म के बाद से उन्होंने कोई नया प्रोजेक्ट साइन नहीं किया है।
वर्तमान में हेमा मालिनी फिल्मों से दूर होकर पूरी तरह से सक्रिय राजनीति (Politics) में अपना ध्यान केंद्रित कर रही हैं और एक जनप्रतिनिधि के रूप में व्यस्त रहती हैं। इसके अलावा, जब भी उन्हें फुर्सत मिलती है, वह मुंबई में अपनी दोनों बेटियों (ईशा और अहाना) और नाती-नातिन के साथ एक बेहतरीन फैमिली क्वालिटी टाइम बिताना पसंद करती हैं।
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