आज की सेडेंटरी लाइफस्टाइल में ऑफिस में कंप्यूटर के आगे घंटों बैठना, वर्क फ्रॉम होम करना या मोबाइल-टीवी पर वक्त बिताना आम हो चुका है। अब तक हम जानते थे कि ज्यादा बैठने से मोटापा और दिल की बीमारियां होती हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च ने सबको चौंका दिया है। मेडिकल जर्नल पीएलओएस मेडिसिन (PLOS Medicine) में प्रकाशित इस स्टडी के मुताबिक, जो लोग बिना ब्रेक लिए लगातार 30 मिनट या उससे ज्यादा समय तक बैठे रहते हैं, उनमें कैंसर से मौत का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।
91 हजार लोगों पर 12 साल तक चली बड़ी स्टडी
इस रिसर्च के लिए यूके बायोबैंक के 91,000 से अधिक लोगों के हेल्थ डेटा का करीब 12 वर्षों तक बारीकी से अध्ययन किया गया। प्रतिभागियों की कलाई पर विशेष कलाई-ट्रैकर बांधकर उनकी वास्तविक फिजिकल एक्टिविटी को रिकॉर्ड किया गया।
हर एक अतिरिक्त घंटा बढ़ा रहा है 10% जोखिम
यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो में पब्लिक हेल्थ के सीनियर लेक्चरर डॉ. फ्रेडरिक हो के नेतृत्व में हुई इस स्टडी में पाया गया कि लगातार बैठने के हर एक अतिरिक्त घंटे के साथ कैंसर से मौत का खतरा करीब 9 से 10 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार एक ही जगह बैठे रहने से शरीर की मांसपेशियां निष्क्रिय हो जाती हैं, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, ब्लड शुगर का संतुलन बिगड़ता है और शरीर के अंदरूनी अंगों में खतरनाक सूजन (Inflammation) शुरू हो जाती है।
कैंसर के खतरे को कम करने के 4 आसान उपाय
रिसर्च में इस जानलेवा खतरे से बचने का बेहद आसान उपाय भी बताया गया है। अगर आप हर 30 मिनट में अपनी सीट से उठकर ये छोटी-छोटी गतिविधियां करते हैं, तो जोखिम काफी हद तक टल सकता है:
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हल्की वॉक या घर के काम: लगातार बैठने के बीच में कुछ मिनट टहलने या घर के छोटे काम करने से कैंसर का खतरा 12% तक कम होता है।
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30 मिनट की तेज वॉक: रोजाना या बीच-बीच में मध्यम गति से तेज चलने पर यह जोखिम 8% घट जाता है।
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सिर्फ 5 मिनट की हैवी एक्सरसाइज: दिन में केवल 5 मिनट की इंटेंस या तेज कसरत करने से कैंसर से मौत का खतरा सीधे 22% तक कम हो सकता है।
डॉ. फ्रेडरिक हो की सलाह है कि सिर्फ रोज जिम जाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आपको अपनी हर आधे घंटे में उठने की आदत डालनी होगी ताकि मांसपेशियां एक्टिव रहें।
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