कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पूरी तरह से ऐक्शन मोड में आ गए हैं। सोमवार को राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार बदले की भावना से नहीं, बल्कि विकास और सुशासन के मंत्र पर काम करेगी। सबसे बड़ा ऐलान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अति-महत्वाकांक्षी ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना को लेकर किया गया है।
1. लक्ष्मी भंडार योजना रहेगी जारी
शुभेंदु अधिकारी ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि भाजपा सरकार ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी कल्याणकारी योजनाओं को बंद नहीं करेगी।
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पारदर्शिता पर जोर: मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं में बिचौलियों और ‘पिछले दरवाजे’ से लाभ लेने वालों को रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली (Verification System) लागू की जाएगी।
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योजना का लाभ: इस योजना के तहत वर्तमान में पात्र महिलाओं (25-60 वर्ष) को 1000 से 1200 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलती है।
2. सीमा सुरक्षा (BSF) को जमीन का हस्तांतरण
घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए कैबिनेट ने ऐतिहासिक फैसला लिया है:
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ (Fencing) लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है।
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अगले 45 दिनों के भीतर यह जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी, जिससे अवैध घुसपैठ पर लगाम कसी जा सकेगी।
3. सरकारी नौकरियों में 5 साल की छूट
राज्य के युवाओं के लिए बेरोजगारी के मुद्दे पर बड़ी राहत देते हुए शुभेंदु सरकार ने घोषणा की:
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सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए ऊपरी आयु सीमा (Upper Age Limit) में 5 वर्ष की छूट दी जाएगी। यह फैसला उन युवाओं के लिए संजीवनी माना जा रहा है जो पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं के इंतजार में ओवरएज हो गए थे।
4. ‘आयुष्मान भारत’ का होगा आगाज
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पश्चिम बंगाल में अब केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना को लागू किया जाएगा। ममता सरकार ने इसे राज्य में लागू नहीं किया था, लेकिन अब बंगाल के लोगों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
5. सुशासन और सुरक्षा प्राथमिकता
कैबिनेट ने चुनावी हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी और चुनाव आयोग को ‘हिंसामुक्त’ चुनाव संपन्न कराने के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को केंद्र की प्रमुख योजनाओं से जोड़कर विकास की रफ्तार तेज की जाएगी।
कैबिनेट बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उनके प्रमुख सहयोगी और कैबिनेट मंत्री शामिल थे:
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दिलीप घोष
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निशीथ प्रमाणिक
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अग्निमित्रा पॉल
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अशोक कीर्तनिया
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खुदीराम टुडू
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