रामपुर। पूर्व सांसद और अभिनेत्री जयाप्रदा के खिलाफ साल 2019 में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले में आजम खां, उनके बड़े बेटे अदीब आजम और पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां समेत कुल 11 लोगों पर आरोप (Charges) तय कर दिए हैं।
जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी
कोर्ट की कार्यवाही के दौरान सुरक्षा और अन्य कारणों से आजम खां और अजहर खां व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए। आजम खां ने रामपुर जेल से और पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां ने बिजनौर जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अन्य आरोपी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। एपीओ स्वदेश शर्मा के अनुसार, कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पत्रावली के आधार पर आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी की।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है। आरोप है कि रामपुर में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान जयाप्रदा के खिलाफ बेहद अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इस मामले में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 1 जुलाई 2019 को सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने लंबी जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर अब ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
इन धाराओं के तहत चलेगा मुकदमा
अदालत ने आरोपियों के खिलाफ कानून की निम्नलिखित धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं:
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आईटी एक्ट की धारा 66: (कंप्यूटर से संबंधित अपराधों के लिए दंड)
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आईपीसी की धारा 504: (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना)
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आईपीसी की धारा 294: (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत या टिप्पणी)
इन 11 लोगों पर तय हुए आरोप
अदालत ने जिन लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं उनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
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मोहम्मद आजम खां (सपा नेता)
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अदीब आजम खां (आजम के बड़े बेटे)
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अजहर अहमद खां (पूर्व पालिकाध्यक्ष)
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ओमेंद्र सिंह चौहान (सपा प्रदेश सचिव)
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इसके अलावा शाहनबी उर्फ रानू खां, सैयद असलम आकिब, सलमान अहमद, मुराद खां, महबूब उर्फ हीरो, कैप्टन वसीम और आमिर के नाम शामिल हैं।
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के लिए 20 मई 2026 की तारीख निर्धारित की है। अब इस केस का भविष्य गवाहों की गवाही और पेश किए गए सबूतों पर निर्भर करेगा।
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