7 October Attack Anniversary: हमास हमले की तीसरी बरसी पर इजरायल में रेड अलर्ट, ईरान और प्रॉक्सी गुटों से बड़े हमले की आशंका

पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण भू-राजनीतिक संघर्ष और लगातार बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के घातक हमले की तीसरी बरसी पर देश भर में 'सर्वोच्च अलर्ट' (High Alert) घोषित कर दिया है। तीन साल पहले आज ही के दिन हमास के लड़ाकों ने गाजा पट्टी से इजरायल के दक्षिणी इलाकों में घुसकर इतिहास के सबसे बड़े और खौफनाक आतंकी हमलों में से एक को अंजाम दिया था। अब खुफिया एजेंसियों से मिले विशिष्ट इनपुट्स और ईरान तथा उसके सहयोगी संगठनों द्वारा प्रतीकात्मक तारीख पर बड़े जवाबी हमले करने की धमकियों के मद्देनजर इजरायल रक्षा बल (IDF), मोसाद, शिन बेट और आंतरिक पुलिस तंत्र को चौबीसों घंटे युद्ध स्तर पर तैनात कर दिया गया है। तेल अवीव, यरुशलम, हाइफा से लेकर गाजा और लेबनान सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा बलों ने जमीन से लेकर आसमान तक कड़ा पहरा बिठा दिया है।

ईरान और 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' से चौतरफा हमले की आशंका

इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) और सैन्य कमांडरों का मानना है कि इस संवेदनशील तारीख का इस्तेमाल तेहरान और उसके प्रॉक्सी नेटवर्क—जिन्हें 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' कहा जाता है—प्रतीकात्मक बदला लेने और मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने के लिए कर सकते हैं।

  • बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन खतरे: हाल के महीनों में ईरान और इजरायल के बीच सीधे हुए मिसाइल टकरावों के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबी दूरी के सुसाइड ड्रोन से इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।

  • लेबनान से हिजबुल्लाह का मोर्चा: उत्तरी सीमा पर हिजबुल्लाह के बचे हुए लड़ाके सीमावर्ती बस्तियों और सैन्य चौकियों पर रॉकेटों की सघन बौछार कर सकते हैं।

  • हूती विद्रोही और इराकी मिलिशिया: यमन के हूती विद्रोही लाल सागर और इजरायल के दक्षिणी बंदरगाह शहर इलात को निशाना बनाकर क्रूज मिसाइलें दाग सकते हैं, जबकि इराक स्थित शिया मिलिशिया समूहों की ओर से भी ड्रोन हमलों का इनपुट मिला है।

एयर डिफेंस सिस्टम्स सक्रिय: आयरन डोम और एरो-3 24 घंटे तैनात

संभावित मिसाइल और हवाई हमलों को बेअसर करने के लिए इजरायल ने अपनी बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली (Multi-Tier Air Defense) को पूर्ण युद्धक स्थिति में एक्टिवेट कर रखा है:

  • आयरन डोम (Iron Dome): गाजा और लेबनान से दागे जाने वाले कम दूरी के रॉकेटों और मोर्टार हमलों को हवा में ही ध्वस्त करने के लिए सभी बैटरियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

  • डेविड्स स्लिंग (David's Sling): मध्यम दूरी की भारी मिसाइलों और भारी गाइडेड रॉकेटों को रोकने के लिए तैनात है।

  • एरो-2 और एरो-3 (Arrow Defense System): वायुमंडल के बाहर से आने वाली लंबी दूरी की ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए एरो सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही अमेरिकी नौसेना और क्षेत्रीय सहयोगियों के रडार व मिसाइल इंटरसेप्टर जहाज भी पूर्वी भूमध्य सागर और लाल सागर में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार खड़े हैं।

सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सेना और नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी

आईडीएफ ने गाजा सीमा और लेबनान के ब्लू लाइन से सटे इलाकों में अतिरिक्त इन्फैंट्री ब्रिगेड और बख्तरबंद दस्तों की तैनाती की है। इजरायल के होम फ्रंट कमांड (Home Front Command) ने नागरिकों के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हैं:

  1. तेल अवीव, हाइफा और यरुशलम समेत बड़े शहरों में सार्वजनिक सभाओं और 7 अक्टूबर के स्मृति कार्यक्रमों पर कड़ी सुरक्षा और सीमित संख्या के नियम लागू किए गए हैं।

  2. नागरिकों को अपने मोबाइल फोन पर इमरजेंसी सायरन अलर्ट ऐप को एक्टिव रखने और सायरन बजते ही 90 सेकंड के भीतर नजदीकी 'बॉम्ब शेल्टर' (सुरक्षित बंकर) में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

  3. वेस्ट बैंक (यहूदिया और सामरिया) में संभावित आतंकी वारदातों और लोन-वुल्फ हमलों को रोकने के लिए चेकपोस्ट्स पर वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है।

  4. इसके साथ ही इजरायल सरकार ने विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों और यहूदी समुदाय के लिए भी वैश्विक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें भीड़भाड़ वाली जगहों पर हिब्रू भाषा बोलने से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।

तीन साल बाद भी अनसुलझा पश्चिम एशिया का सबसे बड़ा संकट

7 अक्टूबर 2023 की घटना को आज तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। उस दिन हुए हमले में लगभग 1,200 से अधिक इजरायली नागरिक मारे गए थे और 250 से अधिक लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया था। इसके बाद शुरू हुए युद्ध ने पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें गाजा में बड़े पैमाने पर तबाही हुई और संघर्ष लेबनान, सीरिया, यमन व ईरान तक फैल गया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जब तक सभी बंधकों की वापसी नहीं हो जाती और हमास व अन्य आतंकी नेटवर्कों की सैन्य रीढ़ पूरी तरह नहीं टूट जाती, तब तक इजरायल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। दुनिया भर की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद मध्य पूर्व में शांति बहाली एक पेचीदा चुनौती बनी हुई है, और आज की तीसरी बरसी पर दोनों पक्षों के बीच किसी भी अप्रत्याशित सैन्य टकराव से क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा युद्ध भड़कने का खतरा मंडरा रहा है।

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