Smart Gram Panchayat UP: उत्तर प्रदेश को डिजिटल शक्ति से लैस करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के युवा और किसान भी शहरों की तरह हाईस्पीड इंटरनेट का लाभ उठा सकेंगे। ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत बाराबंकी और अयोध्या की रुदौली तहसील की 1681 ग्राम पंचायतों को ‘स्मार्ट विलेज’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां न केवल इंटरनेट पहुंचेगा, बल्कि ग्रामीणों को फ्री वाई-फाई की सुविधा भी मिलेगी।
हाईस्पीड कनेक्टिविटी: 300 एमबीपीएस की रफ्तार और फ्री वाई-फाई
बीएसएनएल (BSNL) ने इन पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा कर लिया है। अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है:
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निशुल्क वाई-फाई: ग्राम पंचायतों के ‘मिनी सचिवालय’ (पंचायत घर) के 50 मीटर के दायरे में फ्री वाई-फाई की सुविधा मिलेगी।
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शानदार क्षमता: वाई-फाई की स्पीड 300 MBPS से अधिक होगी। खास बात यह है कि एक साथ 150 से 200 मोबाइल या कंप्यूटर इस नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।
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कनेक्शन: एक मुख्य केबल से 60 से अधिक अलग-अलग कनेक्शन दिए जा सकेंगे, जिससे पूरे गांव का डिजिटल ढांचा मजबूत होगा।
मिनी सचिवालय अब बनेंगे कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
पंचायतों को स्मार्ट बनाने का उद्देश्य केवल इंटरनेट देना नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं को घर-घर पहुंचाना है।
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ऑनलाइन सुविधाएं: अब ग्रामीणों को राशन कार्ड बनवाने, पेंशन फॉर्म भरने, आयुष्मान कार्ड और कृषि संबंधी पंजीकरण के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
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सीएससी (CSC) मॉडल: प्रत्येक पंचायत घर को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 50% पंचायतों में ऑनलाइन फीडिंग का काम शुरू भी हो चुका है।
पंचायत घरों का कायाकल्प: 20 लाख तक की लागत से बने भवन
स्मार्ट पंचायतों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी भारी निवेश किया गया है:
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नये भवन: 15वें वित्त आयोग और मनरेगा के सहयोग से 387 नई पंचायतों में मिनी सचिवालयों का निर्माण कराया गया है।
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सुविधाएं: बड़ी पंचायतों में 20 लाख रुपये की लागत से 7 कमरे और एक हॉल वाले भव्य पंचायत घर बने हैं, जबकि छोटी पंचायतों में 10 लाख की लागत से चार कमरों तक के सचिवालय तैयार किए गए हैं।
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मरम्मत: जिले के 781 पुराने पंचायत भवनों की मरम्मत कर उन्हें नया रूप दिया गया है।
एक नजर में स्मार्ट पंचायत के आंकड़े
| विवरण | संख्या / स्थिति |
| कुल स्मार्ट पंचायतें | 1681 |
| ऑप्टिकल फाइबर बिछी | बाराबंकी (1155) और रुदौली (520) |
| इंटरनेट स्पीड | 300 Mbps से अधिक |
| वाई-फाई रेंज | 50 मीटर रेडियस (निशुल्क) |
| लागत प्रति ब्लॉक | 1.5 से 2 करोड़ रुपये |
डिजिटल क्रांति से बदलेंगे गांव के हालात
भारतीय दूरसंचार निगम (BSNL) के टीडीएम डीके सिंह के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक गांवों में कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस पहल से न केवल गांवों में शिक्षा और सूचना का प्रसार होगा, बल्कि युवाओं के लिए घर बैठे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। अब गांवों के बच्चे भी ऑनलाइन क्लास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बिना किसी रुकावट के कर सकेंगे।
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