
उत्तर प्रदेश के युवाओं और भारतीय सेना के पूर्व अग्निवीरों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस वक्त का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक तोहफा दिया है। राजधानी लखनऊ से एक बहुत ही सनसनीखेज और स्वागत योग्य खबर सामने आ रही है, जहां उत्तर प्रदेश कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक में बड़ा नीतिगत निर्णय लेते हुए अग्निवीरों को राज्य की पुलिस और पीएसी (PAC) भर्तियों में सीधा 20 प्रतिशत (20%) का भारी-भरकम आरक्षण देने का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। सबसे खास बात यह है कि सेना में अपनी देशसेवा की सेवा पूरी करके लौटने वाले इन अग्निवीरों को अब उत्तर प्रदेश पुलिस या अन्य सुरक्षा बलों की सीधी भर्ती परीक्षाओं में किसी भी प्रकार का कठिन लिखित एग्जाम (Written Exam) पास करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। सरकार के इस क्रांतिकारी फैसले से देश के वीर जवानों का भविष्य अब पूरी तरह सुरक्षित हो गया है और उन्हें पुलिस विभाग में सीधी नौकरी पाने का सुनहरा और सुगम मार्ग मिल गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक में देश की रक्षा करने वाले युवाओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया। सरकार का मानना है कि जो युवा कम उम्र में देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए भारतीय सेना का हिस्सा बनते हैं और वहां कठोर सैन्य अनुशासन, शारीरिक दक्षता तथा हथियारों का प्रशिक्षण लेते हैं, वे राज्य की आंतरिक सुरक्षा और पुलिस बल के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार होते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग, जेल वार्डन और पीएसी के विभिन्न आरक्षी (Constable) पदों पर सीधी भर्ती में अग्निवीरों के लिए 20% पद आरक्षित करने का कानूनी प्रावधान कर दिया है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश के उन तमाम युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है जो भविष्य में सेना ज्वाइन करने के बाद अपने राज्य में पुलिस सेवा में जाने का सपना देख रहे हैं।
इस नई नीति का सबसे आकर्षक पहलू यह है कि अग्निवीरों को अन्य सामान्य अभ्यर्थियों की तरह उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की लंबी-चौड़ी और कठिन लिखित परीक्षाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार, अग्निवीर का प्रमाण पत्र रखने वाले योग्य उम्मीदवारों को लिखित एग्जाम से पूरी तरह छूट दे दी जाएगी। उन्हें केवल अपनी शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) और मेडिकल फिटनेस टेस्ट (Medical Test) को सफलतापूर्वक पास करना होगा। चूँकि अग्निवीर सेना के सख्त फिजिकल ट्रेनिंग से गुजर कर आते हैं, इसलिए उनके लिए यह शारीरिक मानदंड पूरा करना बहुत आसान होगा। इस प्रक्रिया से चयन प्रक्रिया न केवल बेहद पारदर्शी और तेज हो जाएगी, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं को नौकरी पाने के लिए वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की भीड़ में नहीं उलझना पड़ेगा।
योगी सरकार के इस फैसले की चौतरफा सराहना की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला न केवल युवाओं को सेना में सेवा देने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि चार साल की सेवा पूरी होने के बाद उनके भविष्य की अनिश्चितता को भी पूरी तरह समाप्त कर देगा। अक्सर यह सवाल उठाया जाता था कि चार साल बाद अग्निवीर क्या करेंगे, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस और पीएसी में 20% आरक्षण का यह मास्टरस्ट्रोक चलकर देश के सामने एक बेहतरीन मॉडल पेश किया है। युवा संगठनों और पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कदम का दिल से स्वागत किया है और इसे राष्ट्र की सेवा करने वाले सैनिकों के प्रति सच्ची कृतज्ञता करार दिया है।
कैबिनेट की मुहर लगने के बाद अब गृह विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए विस्तृत नियमावली तैयार करने में जुट गया है। बहुत जल्द राज्य सरकार की ओर से अग्निवीरों के लिए आरक्षित इन 20% पदों पर भर्ती हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। जिन युवाओं ने सेना में अपनी सेवा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है या जो नियमानुसार इसके पात्र होंगे, वे इस विशेष कोटे का सीधा लाभ उठा सकेंगे। देवभूमि और देश के वीर जवानों के लिए उत्तर प्रदेश में नौकरी के ये नए द्वार यह साबित करते हैं कि डबल इंजन की सरकार सैनिकों के सम्मान और उनके उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
The News 11 – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया