
देश के मौसम का मिजाज एक बार फिर से बहुत तेजी से बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अक्टूबर के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा वेदर अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले 14 घंटों के भीतर देश के लगभग 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश, बिजली चमकने और 40 से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी हवाओं और बंगाल की खाड़ी व अरब सागर में बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के असर से भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। आईएमडी ने लोगों से अलर्ट रहने और तेज आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अक्टूबर को दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 17 जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। इसके अलावा केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और कर्नाटक के तटीय तथा दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली गिरने की प्रबल आशंका है।
इन तटीय और मैदानी इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी चेतावनी दी गई है।
उत्तर भारत और मध्य भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां भले ही सीमित रहें, लेकिन मौसम में ठंडक का अहसास तेजी से बढ़ने लगा है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सुबह और शाम की गुलाबी ठंड ने अपनी दस्तक मजबूत कर दी है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम छिटपुट बौछारें पड़ने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।
बंगाल की खाड़ी में बनी कम दबाव की स्थिति के कारण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। इस अचानक बदले मौसम के कारण यातायात व्यवस्था, रेल सेवाओं और उड़ानों पर प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम में आए इस अप्रत्याशित बदलाव और तूफानी हवाओं को ध्यान में रखते हुए आईएमडी ने कई राज्यों के जिला प्रशासनों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को खुले आसमान में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर संग्रहीत कर लें ताकि मूसलाधार बारिश से अनाज खराब न हो।
बिजली कड़कने की स्थिति में खुले मैदानों, जल निकायों और बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है। आने वाले 24 से 48 घंटों तक मौसम का यह मिजाज इसी प्रकार बना रहने की पूरी उम्मीद जताई गई है।
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