‘इंशाअल्लाह… माकूल जवाब देंगे’: पाक एयर स्ट्राइक में 4 नागरिकों की मौत पर भड़का तालिबान, रूस ने दिखाई आंख

दक्षिण और मध्य एशिया के भू-राजनीतिक पटल पर एक बार फिर गंभीर सैन्य टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। गुरुवार तड़के पाकिस्तानी वायुसेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन करते हुए अफगानिस्तान की संप्रभु सीमा के भीतर दस अलग-अलग रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की। इस अप्रत्याशित और भीषण हवाई हमले के बाद दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच लंबे समय से सुलग रहा सीमा विवाद अब खुली जंग की कगार पर पहुंच गया है। इस्लामाबाद के सैन्य नेतृत्व का दावा है कि उसने केवल आतंकी और ड्रोन लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया है, लेकिन काबुल में सत्तारूढ़ तालिबान प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अंधाधुंध बमबारी में चार बेकसूर आम नागरिकों की दर्दनाक मौत हुई है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस खूनी घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में जबरदस्त जन आक्रोश पैदा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप तालिबान ने खुले शब्दों में पाकिस्तान को कड़ा और विनाशकारी जवाब देने की दो टूक चेतावनी जारी कर दी है।

डूरंड लाइन पार 10 ठिकानों पर पाकिस्तान की भीषण एयर स्ट्राइक

पाकिस्तानी सेना के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस और रक्षा सूत्रों के अनुसार, गुरुवार तड़के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी अफगानिस्तान के पर्वतीय और सीमावर्ती इलाकों में दस ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि यह एक सुनियोजित और नपा-तुला सैन्य अभियान था, जिसे सीमा पार से लगातार हो रहे आतंकी अभियानों को निष्क्रिय करने के लिए अंजाम दिया गया। इस्लामाबाद का आरोप है कि अफगानिस्तान के इन संवेदनशील ठिकानों का इस्तेमाल लड़ाके ड्रोन जमा करने, उनके तकनीकी परीक्षण और उन्हें सीमा पार भेजकर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए कर रहे थे। सेना ने यह भी तर्क दिया कि हाल के दिनों में खैबर पख्तूनख्वा, कोहाट और तोरखम बॉर्डर पोस्ट्स पर जितने भी ड्रोन और मोर्टार हमले हुए थे, उनका सीधा संबंध इन्हीं ठिकानों से था। हालांकि, जमीन से आ रही रिपोर्टों ने पाकिस्तानी सेना के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, क्योंकि गिराए गए बमों का सीधा असर रिहायशी बस्तियों पर पड़ा, जिससे चार निर्दोष नागरिकों की मौके पर ही जान चली गई।

तालिबान का खुला ऐलान: 'इंशाअल्लाह… माकूल और निर्णायक जवाब देंगे'

अपने नागरिकों के खून और सीमा उल्लंघन से तिलमिलाए तालिबान नेतृत्व ने इस्लामाबाद के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। काबुल में अफगानिस्तान सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए पाकिस्तानी हमले को खुला युद्ध अपराध और संप्रभुता पर कायराना हमला करार दिया। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अफगान भूमि किसी भी बाहरी देश की सैन्य आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेगी और देश की रक्षा के लिए उनका सैन्य बल पूरी तरह सक्षम और तैयार है। प्रवक्ता ने गरजते हुए कहा, 'हमारी सीमाओं के इस बेशर्म उल्लंघन और नग्न आक्रामकता का एक निर्णायक रुख अपनाते हुए मुंहतोड़ और माकूल जवाब दिया जाएगा, इंशाअल्लाह।' काबुल से आए इस सख्त संदेश के बाद पूर्वी सीमा पर भारी तोपों, बख्तरबंद गाड़ियों और तालिबानी लड़ाकों की फॉरवर्ड तैनाती तेज कर दी गई है, जिससे सीमा पर कभी भी पूर्णकालिक सैन्य संघर्ष भड़कने की आशंका गहरा गई है।

रूस ने तोड़ी कूटनीतिक चुप्पी, काबुल दूतावास से जारी किए 4 तीखे बयान

इस सैन्य तनाव के बीच सबसे बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव रूस के कड़े रुख के रूप में सामने आया है। ऐतिहासिक रूप से दक्षिण एशियाई विवादों और खासकर पाक-अफगान तनाव पर मॉस्को हमेशा से नपे-तुले, संतुलित और बेहद सतर्क कूटनीतिक बयान जारी करता रहा है, लेकिन इस बार व्लादिमीर पुतिन प्रशासन ने अपनी पुरानी कूटनीति से हटकर सीधे आंखें तरेरी हैं। काबुल स्थित रूसी दूतावास ने इस घातक एयर स्ट्राइक के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक के बाद एक चार तीखे और गंभीर बयान पोस्ट किए। रूसी दूतावास ने अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में हुई इस हवाई बमबारी की खुले तौर पर निंदा की। दूतावास ने लिखा कि वे रिहायशी इलाकों में हवाई हमलों के कारण निर्दोष आम नागरिकों के हताहत होने और बुनियादी ढांचे के तबाह होने की खबरों से बेहद व्यथित और चिंतित हैं।

संवाद की नसीहत और मध्य एशिया में बड़े युद्ध का मंडराता खतरा

काबुल स्थित रूसी दूतावास ने यद्यपि अपने आधिकारिक पोस्ट में सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम लेने से कूटनीतिक परहेज किया, लेकिन उनका इशारा पूरी तरह साफ था कि हवाई हमले किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकते। रूस ने दोनों पक्षों से तत्काल प्रभाव से हिंसक टकराव और सैन्य दुस्साहस से बचने की पुरजोर अपील की है। दूतावास ने अपने आधिकारिक संदेश में जोर देकर कहा, 'हम दोनों पक्षों से किसी भी नए टकराव से बचने और बातचीत व राजनयिक मेज के जरिए अपने आपसी मतभेदों को सुलझाने का आग्रह करते हैं।' अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि रूस की यह तीखी प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि मॉस्को इस संवेदनशील क्षेत्र में किसी नए युद्ध को भड़कते नहीं देखना चाहता। चीन, कतर, तुर्की और सऊदी अरब जैसे देश पहले से ही दोनों मुल्कों के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे थे, लेकिन पाकिस्तान की इस ताजा एयर स्ट्राइक और तालिबान की जवाबी जंग की खुली चेतावनी ने शांति प्रयासों को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि तालिबान का यह 'माकूल जवाब' किस सैन्य रूप में सामने आता है।

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