
केशव मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से किसानों को अपनी उपज के लिए नए बाजार मिलने की संभावना है। योजनांतर्गत स्थापित होने वाली इकाइयों में कच्चे माल की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय किसानों के सहयोग से किए जाने पर जोर दिया गया है। इससे किसानों की उपज का प्रसंस्करण कर उसका मूल्य संवर्धन किया जा सकेगा। साथ ही कृषि उत्पादों की बर्बादी कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव बीएम मीणा ने बताया कि महिला एवं युवा सशक्तिकरण: महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।गॉवों से शहरों तक विस्तार: योजनाओं का दायरा इस प्रकार तैयार किया गया है कि गॉव के छोटे स्तर के कारीगरों/उत्पादकों से लेकर शहर में बड़े उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमी तक सभी को इसका लाभ मिल सके।
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