आज लोकसभा चुनाव हुए तो किसकी बनेगी सरकार? NDA को 326 सीटें, BJP को बंगाल-महाराष्ट्र में बंपर फायदा; यूपी में ‘INDIA’ का पलटवार

देश में भले ही अगले आम चुनाव में अभी लंबा वक्त बाकी हो, लेकिन भारतीय राजनीति का मिजाज किस करवट बैठ रहा है, इसको लेकर जनता की नब्ज सामने आ गई है। इंडिया टुडे और सी-वोटर द्वारा किए गए प्रतिष्ठित ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) के ताजा राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण ने देश का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि यदि आज देश में लोकसभा चुनाव कराए जाएं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 326 सीटों के भारी बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता में जोरदार वापसी करता दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस बार के आंकड़े भारतीय जनता पार्टी के अकेले के दम पर और विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन के क्षेत्रीय प्रदर्शन को लेकर कई हैरान करने वाले संकेत दे रहे हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए की हैट्रिक जैसी मजबूती: 326 सीटों का स्पष्ट अनुमान

सर्वेक्षण के समग्र आंकड़ों पर नजर डालें तो 543 सदस्यीय लोकसभा में एनडीए गठबंधन को 326 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन को 185 सीटें और अन्य क्षेत्रीय दलों व निर्दलीयों के खाते में 32 सीटें जाने का आकलन है। वोट शेयर के लिहाज से भी एनडीए की स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है। एनडीए को देश भर में करीब 45.1 प्रतिशत मत मिलने का अनुमान है, जबकि इंडिया ब्लॉक को 39.1 प्रतिशत और अन्य दलों को 15.8 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है।

यदि अकेले राजनीतिक दलों के प्रदर्शन की बात करें, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आज की तारीख में अपने बूते 261 सीटें मिलती दिख रही हैं। हालांकि यह संख्या 272 के जादुई बहुमत के आंकड़े से 11 सीटें कम है, लेकिन 2024 के पिछले आम चुनाव में मिली 240 सीटों की तुलना में भाजपा 21 सीटों का सीधा फायदा हासिल करती नजर आ रही है। दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के ग्राफ में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राहुल गांधी के नेतृत्व में आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस को 106 सीटें मिलने का अनुमान है, जो उसके पिछले प्रदर्शन से काफी बेहतर है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक छलांग: 42 में से 35 सीटों पर बढ़त

इस पूरे सर्वे का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला उलटफेर पश्चिम बंगाल से सामने आया है। ममता बनर्जी के गढ़ माने जाने वाले बंगाल में भाजपा नीत एनडीए अभूतपूर्व बढ़त हासिल करता दिखाई दे रहा है। 42 लोकसभा सीटों वाले इस राज्य में एनडीए को रिकॉर्ड 35 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक महज 7 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्य में स्थानीय शासन के खिलाफ उपजे असंतोष, संदेशखाली और महिला सुरक्षा से जुड़े हालिया विवादों तथा विपक्षी मतों के ध्रुवीकरण का सीधा चुनावी लाभ भाजपा के पाले में जाता दिख रहा है। यदि यह अनुमान चुनावी नतीजों में बदलता है, तो यह पूर्वी भारत में भाजपा के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन साबित होगा।

महाराष्ट्र में महायुति का दबदबा: एनडीए को 31 और महाविकास अघाड़ी को 17 सीटें

महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर भी सत्ताधारी एनडीए (महायुति) को बड़ा चुनावी फायदा मिलता दिख रहा है। सर्वे के अनुसार, महाराष्ट्र में एनडीए को 31 सीटें और विपक्षी इंडिया गठबंधन (महाविकास अघाड़ी) को 17 सीटें मिलने का अनुमान है।

2024 के चुनाव में जहां महाविकास अघाड़ी ने कड़ी टक्कर देते हुए भाजपा गठबंधन को झटका दिया था, वहीं ताजा सर्वे बताता है कि राज्य सरकार की हालिया लोकलुभावन योजनाओं, सांगठनिक तालमेल और कल्याणकारी नीतियों ने एनडीए के पक्ष में माहौल को दोबारा मजबूत किया है। मराठा आरक्षण और किसान आंदोलनों के प्रभाव के बावजूद एनडीए पश्चिमी भारत के इस अहम राज्य में अपनी बढ़त को पुनर्स्थापित करता दिख रहा है।

उत्तर प्रदेश में ‘INDIA’ ब्लॉक का दबदबा बरकरार: एनडीए को 38 तो विपक्ष को 41 सीटें

जहां पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से भाजपा को जबरदस्त उछाल मिल रहा है, वहीं देश के सबसे बड़े सियासी सूबे उत्तर प्रदेश से एनडीए के लिए चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। 80 लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के ‘INDIA’ गठबंधन को 41 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि एनडीए गठबंधन 38 सीटों पर ठहरता दिख रहा है।

वोट शेयर के मामले में हालांकि एनडीए 42 प्रतिशत के साथ मामूली बढ़त बनाए हुए है, लेकिन इंडिया गठबंधन के 40 प्रतिशत वोट बैंक की मजबूत गोलबंदी सीटों के मामले में विपक्ष को आगे रख रही है। विश्लेषकों के अनुसार, यूपी में युवाओं के बीच बेरोजगारी का मुद्दा, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़ा आक्रोश तथा यूजीसी व भर्ती नियमों को लेकर बनी नाराजगी एनडीए के लिए मुख्य चुनौती साबित हो रही है।

पंजाब और अन्य राज्यों का चुनावी मिजाज

पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर विपक्षी इंडिया ब्लॉक अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। सर्वे के अनुसार, पंजाब में इंडिया गठबंधन को 11 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि एनडीए को महज 1 सीट से संतोष करना पड़ सकता है और 1 सीट अन्य के खाते में जा सकती है। दक्षिण भारत के राज्यों और गैर-हिंदी भाषी क्षेत्रों में क्षेत्रीय दलों और कांग्रेस का प्रभाव कायम है, जिसके चलते कांग्रेस अपने 100 से अधिक सीटों के आंकड़े को छूने में कामयाब होती दिख रही है।

प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता 58% पर कायम, पर युवाओं में बेरोजगारी बड़ी चिंता

सर्वे का एक बेहद महत्वपूर्ण पहलू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत नेतृत्व क्षमता और लोकप्रियता से जुड़ा है। केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल के बावजूद 58 प्रतिशत लोगों ने प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कामकाज और नेतृत्व को अपनी सीधी मंजूरी (Approval) दी है।

हालांकि, सर्वे यह भी चेतावनी देता है कि सरकार के सामने गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां खड़ी हैं। देश के 53 प्रतिशत युवाओं और जेन-जी (Gen-Z) मतदाताओं ने बेरोजगारी और नौकरियों के अभाव को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताया है। इसके अलावा 22 प्रतिशत लोगों ने शिक्षा व्यवस्था व पेपर लीक और 12 प्रतिशत लोगों ने महंगाई को मुख्य समस्या माना है। युवाओं की यह नाराजगी ही भाजपा को अपने दम पर 272 के आंकड़े से थोड़ा पीछे रोक रही है, लेकिन गठबंधन सहयोगियों का मजबूत साथ एनडीए को 326 सीटों का भारी बहुमत दिला रहा है।

कैसे हुआ यह राष्ट्रव्यापी सर्वे?

सी-वोटर द्वारा किया गया यह ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे 1 जुलाई से 25 अगस्त के बीच देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न आयु वर्ग, जाति, धर्म और आय वर्ग के 25,184 मतदाताओं से सीधे आमने-सामने और टेलीफोनिक बातचीत की गई। इसके अतिरिक्त, पिछले छह महीनों के दौरान जुटाए गए 91,795 से अधिक ट्रैकिंग साक्षात्कारों के डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण करके यह निष्कर्ष निकाला गया है।

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