नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज और भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच ग्रेग चैपल ने युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है, लेकिन साथ ही उन्होंने आधुनिक क्रिकेट की दिशा को लेकर एक गंभीर चिंता भी जाहिर की है। चैपल ने अपने हालिया कॉलम में कहा कि जिस तरह से एक किशोर बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रहा है, वह यह दर्शाता है कि अब क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए कुछ खास नहीं बचा है।
वैभव में दिखी सोबर्स और ब्रायन लारा की झलक
ग्रेग चैपल ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो के लिए लिखे अपने कॉलम में वैभव सूर्यवंशी की तुलना क्रिकेट जगत के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों से की। उन्होंने कहा, “वैभव के खेलने के अंदाज और संतुलन में महान ग्रीम पोलॉक और सर गारफील्ड सोबर्स की झलक मिलती है। जब वह एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से शॉट मारते हैं, तो ब्रायन लारा की प्रतिभा और एडम गिलक्रिस्ट जैसी आक्रामकता का मिश्रण नजर आता है।” चैपल ने वैभव की तकनीक को एक ‘दुर्लभ उपहार’ बताया, लेकिन साथ ही इसे खेल के भविष्य के लिए एक चेतावनी भी करार दिया।
‘गेंदबाजी को विलुप्त करने के लिए बना है आधुनिक क्रिकेट’
चैपल का मानना है कि सूर्यवंशी की सफलता यह उजागर करती है कि आधुनिक क्रिकेट को इस तरह तैयार किया गया है कि गेंदबाजी धीरे-धीरे विलुप्त हो जाए। उन्होंने कहा, “अगर एक बच्चा, जिसका शारीरिक विकास अभी पूरा नहीं हुआ है, वह दिग्गज गेंदबाजों को आसानी से चौके-छक्के मार रहा है, तो यह खेल की बुनियादी समस्या है। उन्नत किस्म के बल्ले, छोटी बाउंड्री और बेजान (सपाट) पिचें— इन सबने मिलकर खेल को पूरी तरह बल्लेबाजों के पक्ष में झुका दिया है।”
आईपीएल के ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम पर साधा निशाना
भारत के पूर्व कोच ने आईपीएल (IPL) और उसके नियमों की भी कड़ी आलोचना की। चैपल के अनुसार, ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ जैसे नियमों ने बल्लेबाजी करने वाली टीम को जरूरत से ज्यादा मजबूती दे दी है। उन्होंने कहा, “इस नियम ने निचले क्रम के पतन के जोखिम को खत्म कर दिया है, जिससे टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों को पहली ही गेंद से बिना किसी डर के खेलने की आजादी मिल गई है। क्रिकेट अब बेसबॉल जैसा मनोरंजन प्रोडक्ट बनता जा रहा है।”
प्रशासकों के सामने दो रास्ते
ग्रेग चैपल ने क्रिकेट प्रशासकों को चेतावनी देते हुए कहा कि खेल अब एक निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने कहा, “हमारे पास दो रास्ते हैं: या तो हम टी20 को पूरी तरह मनोरंजन का साधन बनने दें और क्रिकेट के 250 साल पुराने इतिहास को नकार दें, या फिर हम गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बनाने के लिए सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करें।”
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