नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में पानी से भरपूर और ठंडक देने वाले फलों की बहार आ जाती है। तरबूज के साथ-साथ इस मौसम में ‘खरबूजा’ भी लोगों का पसंदीदा फल होता है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, कई बार हम बाहर से देखकर सुंदर और साफ खरबूजा उठा लाते हैं, लेकिन घर आकर काटने पर वह अंदर से पूरी तरह फीका, कच्चा या जरूरत से ज्यादा गला हुआ निकलता है। अगर आपके साथ भी ऐसा अक्सर होता है, तो अगली बार बाजार जाने से पहले खरबूजा चुनने की ये आसान और अचूक ट्रिक्स जरूर नोट कर लें।
1. सुगंध से पहचानें: मीठे खरबूजे से आती है खास खुशबू
एक पके और मीठे खरबूजे की सबसे बड़ी पहचान उसकी सुगंध होती है। जब भी आप दुकान से खरबूजा खरीदें, तो उसके नीचे वाले हिस्से (जहां डंठल जुड़ा होता है) को थोड़ा करीब से सूंघ कर देखें। यदि उसमें से हल्की, मीठी और ताजगी भरी प्राकृतिक खुशबू आ रही है, तो समझ जाएं कि फल अंदर से पूरी तरह पक चुका है और मीठा है। हालांकि, अगर खुशबू बहुत ज्यादा तेज या तीखी आ रही हो, तो वह फल जरूरत से ज्यादा पका हुआ या अंदर से सड़ रहा हो सकता है।
2. रंग और धारियों पर दें ध्यान: पूरी तरह हरा फल खरीदने से बचें
खरबूजे का रंग उसकी मिठास का सबसे बड़ा संकेतक होता है। हमेशा ऐसा खरबूजा चुनें जिसका रंग हल्का पीला, मलाईदार (Creamy) या सुनहरा हो।
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जालियों वाली त्वचा: खरबूजे के ऊपर बनी सफेद या मटमैली जाली जितनी उभरी हुई और स्पष्ट होगी, फल उतना ही रसदार होगा।
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हरे रंग से दूरी: यदि खरबूजे की त्वचा पूरी तरह से हरी है, तो इसका सीधा मतलब है कि वह अभी कच्चा है। ऐसे फल को खरीदने से बचना चाहिए।
3. वजन की तुलना करें: भारी खरबूजा मतलब भरपूर रस
खरबूजा खरीदते समय हमेशा दो समान आकार के फलों को अपने दोनों हाथों में उठाकर देखें। जो खरबूजा अपने साइज के मुकाबले वजन में थोड़ा भारी महसूस हो, उसे ही खरीदें। भारी खरबूजे में पानी और रस की मात्रा अधिक होती है, जो उसके मीठे होने की गारंटी है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि फल बहुत ज्यादा अत्यधिक भारी न हो, क्योंकि ऐसे फल में केवल बीजों की संख्या अधिक होती है।
4. दबाकर चेक करें: न ज्यादा कड़क हो और न ही पिलपिला
सही खरबूजा चुनने के लिए उसे अपने हाथों से हल्का सा दबाकर (Press) देखें। यदि फल हल्का सा दबता है (यानी थोड़ा सा नरम महसूस होता है), तो वह एकदम सही और पका हुआ माना जाता है। इसके विपरीत, यदि खरबूजा पत्थर की तरह कड़क हो तो वह कच्चा है। वहीं अगर दबाने पर उंगली अंदर धंस जाए या फल बहुत ज्यादा पिलपिला लगे, तो वह अंदर से खराब या ओवर-राप (Over-ripe) हो चुका होता है।
5. सतह का खुरदरापन: चिकने खरबूजे से बेहतर हैं धब्बे और जाली
दिखने में बिल्कुल चिकना और बेदाग खरबूजा अक्सर कम मीठा निकलता है। वास्तु और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जिस खरबूजे की बाहरी सतह थोड़ी खुरदरी, जालीदार और हल्की उभरी हुई होती है, वह प्राकृतिक रूप से बेल पर अच्छी तरह पका हुआ होता है। इसलिए बाहरी खूबसूरती पर जाने के बजाय फल की बुनावट और उसकी बनावट पर भरोसा करें।
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