तमिलनाडु की राजनीति में सिनेमाई सितारों का मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचना एक पुरानी रवायत रही है। MGR-जयललिता की लेगेसी के बाद अब थलापति विजय के मुख्यमंत्री बनने से राज्य में एक नए युग की शुरुआत हुई है। लेकिन इस समय चेन्नई के सियासी गलियारों में विजय से भी ज्यादा चर्चा अभिनेत्री तृषा कृष्णन की हो रही है। सोशल मीडिया पर तृषा की 20 साल पुरानी एक क्लिप वायरल हो रही है जिसमें वह मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जता रही हैं। क्या तृषा वाकई तमिलनाडु की अगली ‘अम्मा’ बन सकती हैं या विजय के साथ उनके रिश्तों की चर्चा उनके राजनीतिक भविष्य में रोड़ा बनेगी?
वायरल क्लिप और 20 साल पुराना ‘भविष्यवक्ता’ बयान
साल 2004 में दिए एक इंटरव्यू की क्लिप इस समय इंटरनेट पर आग की तरह फैल रही है। इसमें 21 साल की तृषा हंसते हुए कह रही हैं, “मैं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनना चाहती हूँ। बस 10 साल इंतज़ार कीजिए!” जब उनसे पूछा गया कि वह सीएम बनकर क्या करेंगी, तो उन्होंने शरारत भरे अंदाज में कहा था, “पहले मुझे वोट देकर जिताओ, फिर बताऊँगी।” आज जब उनके ऑन-स्क्रीन जोड़ीदार विजय सीएम बन चुके हैं, तो फैंस इसे एक ‘संकेत’ के रूप में देख रहे हैं।
विजय और तृषा: MGR-जयललिता जैसी केमिस्ट्री या विवादों का साया?
तृषा और विजय की जोड़ी ने ‘घिल्ली’ और ‘थिरुपाची’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। जिस तरह जयललिता और MGR की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने उन्हें सत्ता के करीब पहुँचाया, वैसी ही उम्मीद तृषा और विजय से की जा रही है।
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लियो से वापसी और तलाक की अर्जी: 15 साल तक साथ काम न करने के बाद 2023 में फिल्म ‘लियो’ में दोनों साथ आए। इसी बीच 2026 में विजय की पत्नी संगीता द्वारा तलाक की अर्जी दिए जाने की खबरों ने हलचल मचा दी। अफवाहों में विजय के एक अभिनेत्री के साथ ‘करीबी रिश्तों’ का जिक्र किया गया, जिसे मीडिया ने सीधे तृषा से जोड़ा।
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शपथ ग्रहण समारोह: विजय के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में उनकी पत्नी और बच्चे नजर नहीं आए, लेकिन तृषा अग्रिम पंक्ति में मौजूद थीं। उनकी भावुक प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पोस्ट ने इन अटकलों को और हवा दी।
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स्वतंत्र पहचान का संकट: जयललिता तब मुख्यमंत्री बनी थीं जब MGR का राजनीतिक दौर खत्म हो रहा था। लेकिन यहाँ विजय अभी अपनी राजनीतिक पारी के शिखर पर हैं। विजय के मुख्यमंत्री रहते तृषा के लिए पार्टी (TVK) में अपनी स्वतंत्र ‘सुप्रीमो’ वाली जगह बनाना नामुमकिन सा है।
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नैतिक छवि और विपक्ष का हमला: तमिलनाडु की राजनीति में पारिवारिक और नैतिक मूल्यों को बहुत महत्व दिया जाता है। विजय की पत्नी के साथ चल रहे विवाद में अगर तृषा का नाम उछलता है, तो विपक्ष (DMK/AIADMK) इसे विजय की सरकार और तृषा के चरित्र पर हमले का सबसे बड़ा हथियार बनाएगा। विजय कभी नहीं चाहेंगे कि उनके सीएम पद पर कोई व्यक्तिगत विवाद दाग लगाए।
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विपक्षी दलों में जगह की कमी: अगर तृषा AIADMK या अपनी नई पार्टी बनाने की सोचती हैं, तो उन्हें स्थापित द्रविड़ियन पार्टियों के कैडर और विजय की अपनी भारी लोकप्रियता से टकराना होगा, जो वर्तमान परिदृश्य में उनके लिए आत्मघाती साबित हो सकता है।
भविष्य की संभावना: क्या ‘किंगमेकर’ बनेंगी तृषा?
भले ही मुख्यमंत्री बनना अभी दूर की कौड़ी लगे, लेकिन तृषा TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) के लिए एक जबरदस्त स्टार कैंपेनर साबित हो सकती हैं। उनकी लोकप्रियता युवाओं और महिलाओं के बीच निर्विवाद है। यदि वह सक्रिय राजनीति में आती हैं, तो वह पार्टी की दूसरी सबसे बड़ी ताकत बन सकती हैं, बशर्ते वह विवादों से दूरी बनाए रखें।
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